परिचय
भारत का अनुच्छेद 200 के अधीन राज्यपाल महोदय ने उत्तरांचल विधान सभा द्वारा पारित उत्तरांचल अल्पसंख्यक आयोग विधेयक 2002 में दिनांक 16, जून, 2002 को अनुमति प्रदान की। उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन)विधेयक, 2014 को दिनांक 03.03.2014 को अनुमति प्रदान की गयी। जिसमें एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष एवं नौ सदस्य, जिसमें एक महिला होंगे। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और प्रत्येक सदस्य अपने पद धारण करने के दिनांक से पाँच वर्ष की अवधि के लिए पद धारण करेगा। उत्तराखण्ड शासन अल्पसंख्यक कल्याण अनुभाग की अधिसूचना सं0 131/XVII-3/2016-07(29)/2015 दिनांक 24, फरवरी, 2016 ई0 के द्वारा उत्तराखण्ड के मूल निवासी मुस्लिम, ईसाई, सिक्ख, बौद्ध व पारसी समुदायों को भी उत्तराखण्ड में अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में अधिसूचित किये जाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है।

 अल्पसंख्यक आयोग उत्तराखण्ड को 27 मई 2003 को संवैधानिक स्तर प्रदान किया गया तथा अल्पसंख्यकों की श्रेणी में मुसिलम, सिक्ख, ईसाई, बौद्ध तथा पारसी के साथ-साथ शासनादेश संख्या 2756/ स0 क0/ 2003-411 (समाज कल्याण) दिनांक 09 अक्टूबर, 2003 के द्वारा एवं जैन समुदाय को भी अल्पसंख्यक में समिमलित किया गया ह   More

   
   
 

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